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गुरुवार, 11 नवंबर 2021

शार्टकट से धन कमाने का प्रयास नहीं करना चाहिए, ऐसा धन सुख नहीं देता

नवंबर 11, 2021 0
शार्टकट से धन कमाने का प्रयास नहीं करना चाहिए, ऐसा धन सुख नहीं देता
शार्टकट से धन कमाने का प्रयास नहीं करना चाहिए, ऐसा धन सुख नहीं देता

संत रविदास अपनी झोंपड़ी में बैठकर जूते बना रहे थे।उन्हें संत रैदास के नाम से भी जाना जाता है। इस काम से जो मिला, उसी में जी रहे थे। वे अपनी कमाई से संतुष्ट थे। 

एक दिन एक साधु उनकी कुटिया में आया। उन्होंने देखा कि रैदास एक सच्चे संत थे। साधु ने सोचा कि रैदास की मदद कर दी जाए। उसने अपने बैग से एक पत्थर निकाला और रैदास से कहा, 'रैदास जी, यह एक पारस पत्थर है। दुर्लभ है मुझे यह कहीं से मिला है। अब यह वह पत्थर है जो मैं तुम्हें देना चाहता हूं। इसकी खासियत यह है कि यह लोहे को सोने में बदल देता है।  

साधु ने लोहे का एक टुकड़ा लिया और उस पर पारस पत्थर से प्रहार किया और वह सोने में बदल गया। साधु ने सोचा कि इस पत्थर को संत रैदास स्वीकार कर लेंगे।  

संत रैदास ने कहा, 'साधु बाबा, इस पत्थर को अपने पास रखो। मैंने जो मेहनत की है वह मेरे लिए काफी है। मेहनत करने का मजा ही अलग है।

जब साधु ने बार-बार उसे पत्थर रखने के लिए कहा, तो रैदास ने कहा, 'यदि आप इस पत्थर को नहीं रखना चाहते हैं, तो यहां के राजा को दे दो। यहाँ का राजा बहुत गरीब है। उसे हमेशा पैसे की जरूरत होती है या कोई ऐसा गरीब दिमाग वाला व्यक्ति ढूंढता है जो अमीर हो लेकिन पैसे के लिए पागल हो रहा हो। 

यह कह कर संत रैदासजी अपना कार्य करने लगे। तब साधु को समझ में आया कि सच्चा संत क्या होता है।  

आत्मज्ञान का पाठ : संत रैदास का स्वभाव हमें सिखाता है कि हमें जीवन में कभी भी शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए। ईमानदारी और मेहनत का मजा ही कुछ अलग है।

प्रलोभन से बचें।  ईमानदारी और मेहनत से मिले धन से अगर आप संतुष्ट हैं तो जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।

गुरुवार, 19 नवंबर 2020

महिला अधिकार अभियान (PART - 2)

नवंबर 19, 2020 0
महिला अधिकार अभियान (PART - 2)
       पुलिस शिकायतें के संबंध में अधिकार


    हर औरत को मालूम होने चाहिए ये अधिकार

  ● किसी के द्वारा दी गई जानकारी को रिकॉर्ड करना पुलिस का काम हैं। पुलिस स्टेशन में FIR रिकॉर्ड नहीं किया जाता हैं, तो जिल्ला पुलिस अधीक्षक को लिखित में या डाक से शिकायत भेज सकते हैं। एक निजी शिकायत के द्वारा मजिस्ट्रेट को एक ही तथ्य दिया जा सकता हैं।

  ● सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से पहले किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता हैं। एक अदालत मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति असाधारण परिस्थितियों में प्राप्त की जानी चाहिये।

  ● गिरफ्तार के समय किसी व्यक्ति के शरीर को छूना गैरकानूनी हैं। केवल एक महिला पुलिस अधिकारी एक गिरफ्तार महिला को गिरफ्तार कर सकती हैं।

  ● किसी भी महिला को यह जानने का अधिकार हैं कि जिस अपराध के लिए उसे गिरफ्तार किया गया हैं, वह जमानती है या गैर जमानती हैं।

  ● बलात्कार पीड़ित के मामले में, पीड़िता की पहचान मीडिया सहित किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रकट नही की जानी चाहिए। बलात्कार पीड़ित की पहचान प्रकट करना अपराध हैं।

  ● किसी महिला को गवाह के रूप में सवाल पूछने के लिए किसी पुलिस स्टेशन या किसी अन्य स्थान पर नहीं बुलाया जा सकता हैं। उनके केवल उनके निवास स्थान पर सवाल पूछे जा सकता हैं।

  ● एक महिला सहित किसी भी आरोपी व्यक्ति को कानूनी सहायता का अधिकार हैं जबकि अदालती कार्यवाही चल रही हैं।

             मदद के लिए संपर्क कीजिए

(1) (24×7) अभयम हेल्पलाइन फोन नंबर : 181

(2) महिला हेल्पलाइन फोन नंबर : 1091

(3) महिला आयोग हेल्पलाइन फोन नंबर : 1800-233-1111

(4) नजदीकी पुलीस स्टेशन

(5) दहेज निषेध संरक्षक अधिकारी (Protection Officer)

रविवार, 15 नवंबर 2020

महिला अधिकार अभियान (PART - 1)

नवंबर 15, 2020 0
महिला अधिकार अभियान (PART - 1)

"अपराध का अर्थ हैं, कोई भी अधिनियम या गलती, जो कानून द्वारा दंडनीय हैं।" महिलाओ के खिलाफ जो अपराध हो रहे हैं, उसमें नीचे दिए गये मामलों का समावेश हो रहा हैं।



महिला अधिकार अभियान - महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध

बलात्कार, हत्या, हमला, गंभीर चोट।

किसी महिला की छेड़खानी करना, किसी महिला की विनय का अपमान करने के इरादे से कुछ ऐसे शब्द बोलना या छेड़खानी करना।

एक नाबालिक लड़की का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध के लिए मजबूर करना या जबरदस्ती या बहला फुसलाकर उठा के ले जाना।

वेश्यावृति के उद्देश्य से नाबालिक लड़की को बेचना या खरीदना।

किसी महिका के साथ जबरदस्ती शादी करने के लिए उसका अपहरन करना, बहला फुसलाकर या लालच देकर उठा ले जाना।

पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा एक विवाहित महिला के सामने क्रूर व्यवहार करना।

दहेज देना या दहेज लेना।

दहेज आदि के कारण मृत्यु होना।

पत्नी होने के बाद भी पुनर्विवाह करना। आपराधिक उद्देश्यों के लिए एक विवाहित महिका को आकर्षित करना या हिरासत में लेना।

शिकायत करना

 जब कोई अपराध होता हैं, तो पीड़ित को इसकी रिपोर्ट नजदीकी पोलिस स्टेशन में करनी चाहिए। यह लिखित रूप में सूचित किया जाना चाहिए, जिसे प्रथम अपराध रिपोर्ट (FIR) कहा जाता हैं।

FIR में अपराध का नाम, पता, उम्र, तिथि, समय जैसे सभी विवरण दिखाने होंगे।

मदद के लिए संपर्क करें

(1) (24×7) अभयम हेल्पलाइन फोन नंबर : 181

(2) महिला हेल्पलाइन फोन नंबर : 1091

(3) महिला आयोग हेल्पलाइन फोन नंबर : 1800-233-1111

(4) नजदीकी पुलीस स्टेशन

(5) दहेज निषेध संरक्षक अधिकारी (Protection Officer)







मंगलवार, 10 नवंबर 2020

AREA 51 का रहस्य क्या हैं ? उस जगह जाने पर क्या सज़ा मिलती हैं ?

नवंबर 10, 2020 0
AREA 51 का रहस्य क्या हैं ? उस जगह जाने पर क्या सज़ा मिलती हैं ?
INTRODUCTION

 ● AREA 51 क्यों रहस्यमय हैं?

 ● उस जगह जाने पर क्या सज़ा मिलती हैं ?

 ● AREA 51 का ऑफिशियल नेम क्या हैं?

● AREA 51 में एलियंस हैं?

 ● AREA 51 में पहले काम करता था, वहां का फॉरमल एम्प्लोई था। उसनें रेडियो SHOW लाइव फोन कॉल करके क्या बताया?

 ● क्या हैं उसकि रेकॉर्डेड क्लिप?

 ● क्या वहाँ UNDERGROUND NETWORK TUNNEL मौजूद हैं?

 ● क्या AREA 51 में फोटोस खिंचा जा सकता हैं?

 ● BBC डॉक्यूमेंट्री बनाने के मामले में सबसे टॉप कंपनी हैं, ये भी AREA 51 में घुस कर वहां डॉक्यूमेंट्री बनाना चाहती थीं, और पूरी की पूरी BBC टीम वहा गई भी थीं।

 ● लेकिन क्या हुआ BBC टीम का?

 ● BBC टीम को जाने दिया या सजा दी गई?

AREA 51

जिसे हम सामान्य तौर पर AREA 51 के नाम से बुलाते हैं। ये इसका ऑफिशियल नेम नहीं हैं। इसका रीयल नेम हैं NEVADA TEST AND TRAINING RANGE और ये USA, के NEVADA रीजन में मौजूद हैं। WORLD WAR 2 के समय AREA 1, AREA 2, AREA 3 ऐसे कई AREAS में न्यूक्लियर बॉम्स की टेस्टिंग की जाती थी। और ये इस स्पेसिफिक लोकेशन AREA 51 उस समय की एक टेस्ट प्लेस ही थी। और जीतने AREAS थे उसमे से किसीने भी कोई अजीब एक्टिविटी रिपोर्ट नहीं की गए थे। पर ये स्पेसिफिक AREA 51 आज भी मिस्ट्री एक्सप्लोरल को कप कापा देती हैं।

AREA 51

साल 1997 में COAST TO COAST AM जो कि एक रेडियो Show थी। उसमे एक इन्सान ने रीयल टाइम में फोन कॉल में आया जो ये क्लेम करता था कि वो AREA 51 में पहले काम करता था। वहां का फॉरमल एम्प्लोई था। 

         ये रहा उसका रिकॉर्डेड क्लिप

( हेलो
हेलो आर्ट? (आर्ट : हां) मेरे पास बहुत ज्यादा वक्त नहीं हैं...
(आर्ट : ) क्या तुम लाइन पर हो
AREA 51
हां, सही.
क्या तुम पहले काम करते थे या अभी भी काम करते हो.
मैं पहले काम करता था।
(आर्ट : पहले काम करते थे )
मुझे 7 दिन पहले ही हॉस्पिटल से छोड़ा गया।
और... और...
(रोना)
में पूरे देश में अलग अलग जगहों में भाग दौड़ कर के पता किया है, और मुझे नहीं पता में कहा से शुरु करूं...
वो ज़रूर मेरी स्थान का पता लगा कर मुजे ढूंढ लेंगे...
(आर्ट : ) तो इसका मतलब आपके पास ज्यादा समय नहीं हैं, तो आप जल्दी से हमें कुछ बताइए...
हमलोग जिसे एलियंस कहते है, वो असल में EXTRA DIMENSIONAL BEINGS हैं, जो की स्पेस प्रोग्राम का नतीजा हैं, जिस से उन्हें संपर्क किया गया था पहले....
वो एलियंस AREA 51 पर कब्जा कर चुके हैं...
बहुत बड़ी आपदा आने वाली है।
सरकार को इसके बारे में पता हैं...
और सरकार लोगो को कई सुरक्षित जगह पर भेज सकती है...  एलियंस से दूर रखने के लिए...
पर वो नहीं कर करे ?
नहीं, नहीं कर रहे... वो एलियंस इन्सान के MAJOR POPULATION को मिटाना चाहते हैं, ताकि जो बचे होंगे, वो आसानी से काबू में लिए जा सके...)


रेडियो Show पर लाइव हि बीच में फोन कॉल कट हो जाता हैं। और उस अंजान इन्सान का क्या हुआ ये किसको भी नहीं पता। पर इसकी बातो पर ध्यान दिया आपने INTERDIMENSIONAL BEINGS की बात की उसने। अगर आप गूगल मेप में AREA 51 को देखोगे या फिर अपने ड्रोन कैमेरा को इस जगह के ऊपर भेजोगे तो वो लोकेशन कुछ ऐसा दिखेगा।


पर DO YOU KNOW ? की वहां ड्रॉनस अलाउड नहीं हैं। पर बहोत लोगो का ये मानना हैं, कि ये जस्ट TIP OF THE ICEBERG हैं, यानी सिर्फ झलक हैं।

TIP OF THE ICEBERG

इसके टिप्स के हिसाब से इस जगह के नीचे एक पूरा का पूरा UNDERGROUND NETWORK TUNNEL मौजूद हैं। और उस AREA पर झूम करने पर हमे ऐसे कई एंट्रेन्स भी देखने मिलते हैं। जिसमें कई दरवाजे भी दिखते हैं। जो की ये साफ साफ बताता हैं, कि ये UNDERGROUND से कनेक्टेड हैं।


BOB LAZAR

एक इन्सान हे जिसका नाम हैं BOB LAZAR और वो ये क्लेम करता हैं कि वो AREA 51 में पहले काम करता था। और ये S4 नाम के एक डिपार्टमेंट में काम करता था।उसका ये कहना था, कि उस डिपार्टमेंट में एलियंस की जो वेहिकल्स होती थी, उनको स्टडी किया जाता था, की ये कैसे उड़ती हैं।

जी हा, उसने ये कहा था कि AREA 51 की टीम यूएफो और एलियंस को कैप्चर करके उन पर एक्सपेरिमेंट करती थी।



एलियंस युएफो को बिना फ्युल के हवा में कैसे उदा देते थे। वहां की टीम  इसकी जांच करती थीं, उनके हिसाब से उन्होंने 1989 में ये डिस्कवर किया था, कि एलियंस की स्पेस क्राफ्ट कैसे काम करते हे। उनका डिटेल स्टडी किये थे कई महीनो तक, उनके हिसाब से उनकी स्पेस क्राफ्ट में एक ऐसा मेटल यूज किया जाता था। जिसका ATOMIC WEIGHT = 115 जो की एननॉन था, उस समय 1989 में और वो ऐसा मेटल था जिसे ANTI GRAVITY एफ्फेक्ट को क्रिएट किया जाता था। इसलिए एलियंस के स्पेस क्राफ्ट बिना किसी फ्यूल के उड़ सकते हैं।

ANTI GRAVITY

ELEMENT 115 या UNUNPENTIUM 2003 में डिस्कवर हुआ, मतलब वो एक नॉर्मल मैटल के रूप में दुनिया के सामने आया। साइन्स के सामने आया पर बात ये हैं के BOB LAZAR ने इसके बारे में 14 साल पहले 1989 में ही बता दिया था। BOB LAZAR के हिसाब से EXTRATERRESTRIALS यानी एलियंस धरती पर हजारों सालों से विजिट करते आ रहे हैं, और आते रहेंगे। BOB LAZAR के हिसाब से जिस स्पेस क्राफ्ट की जांच वो अपने हाथो से किये थे वो धरती से 40 प्रकाश साल दूर के तारा मंडल से आया था।

AREA 51 की रहस्य को और रहस्यमई एक फैक्ट बना देती हैं। कि कोई भी पैसेंजर एयर क्राफ्ट या हेलीकॉप्टर और यहां तक कि मिलिट्री एयर क्राफ्ट को भी इस AREA के आसपास भी नहीं भटकने दिया जाता।
ड्रोन्स तो दूर की बात हैं। और किसी भी सैटेलाइट को AREA 51 का फोटो ऊपर से खींचना मना हैं।

और जितनी भी आप इमेजिस आप इंटरनेट में देख रहे हो, वो सब फोटो 10KM से भी ज्यादा दूर पहाड़ो पर से खींची गई हैं। हाईटेक झूम कैमेरा की मदद से। बहोत लोग का मानना हैं कि ये सिर्फ एक मिलिट्री टेस्टिंग झोन हैं। जहा पर मिलिट्री के वेपन्स टेस्ट होते हैं। और यहां कुछ भी मिस्टीरियस नहीं हैं। पर यहां पर एक बात देख रहे हो कितनी रेस्ट्रिक्शन हैं इस AREA को लेकर।

लेकिन, आज तक वहां की गर्वनमेंट ये नहीं बताई, कि आखिर क्यु ये अलाव नहीं करते। अगर सचमे वहां कुछ नहीं हैं, तो इतनी रोक क्यों हैं? उस जगह को लेकर एयरक्राफ्ट अलाउड नहीं हैं, सटल लाइट्स लाइफ फोटो नहीं खीच सकते, जनरल पब्लिक का उसके आसपास भी भटकना मना हैं।

और एक फैक्ट ये हे कि AREA 51 को ऑफिशियली एक आसान जगह भी नहीं डिक्लेयर किया गया था। 2013 जब CIA (CENTRAL INTELLIGENCE AGENCY) ने पब्लिकली इस जगह के अस्तित्व पर हा कहा।

ROBERT LAZAR

ROBERT LAZAR नाम का व्यक्ति भी AREA 51 के  ENERGY DEPARTMENT में काम करने का दावा करता हैं। ENERGY DEPARTMENT में वो यूएफो के ENERGY को हारनेश करते थे। एक लार्ज हारनेंसर मशीन के जरिए उनके हिसाब से 2004 में DAN BURISCH नाम का व्यक्ति भी पब्लिक के सामने आया और वो भी कई भयंकर बातो को बताया।

DAN BURISCH

एलियन वायरस

वो ये दावा किया कि वो एलियन वायरस को एलियंन के बॉडी से निकलता था। और उसके हिसाब से उसने एलियंस से  कंप्युटर लैंग्वेज के जरिए कम्युनिकेट भी किया था। जिस एलियंस का नाम था J-ROD

J-ROD

और एक स्टोरी के हिसाब से WALLY KASZA और BOB FROST, AREA 51 में काम करते थे।और उन्हें अचानक इलनेश होने लगी। और थ्योरीज़ के हिसाब से वहा पर कोई बहोत भयंकर एक्सपेरिमेंट की गई थी इसमें ये दोनो इन्फेक्ट हो गए थे। और आखिर में उनकी मौत भी हो गई थी।

बाद में इन दोनों की ये धटना को कवरउप करने की कोशिश की गई, छुपाने की कोशिश की गई थी। फिर एक अनजान व्यक्ति ने इन दोनों को न्याय दिलाने के लिए AREA 51 पर एम्प्लॉयर्स का ख्याल ना रखने का कैसे दर्ज कर दिया। पर उस समय तो AREA 51 को रीयल नहीं माना जाता था। मतलब आम जनता के लिए, लोगो लिए तो एक्जिट ही नहीं करता था। इसलिए उसे कोर्ट ने भी टाल दिया। लेकिन आखिरकार कुछ सपोर्ट करने वाले डॉक्टर्स उन दोनो के बॉडी को चेक किया। हाईटेक मेडिकल टेक्नोलॉजी की मदद से, पर डॉक्टर समझा ही नहीं पाए के आखिर उनके शरीर में क्या हुआ था।

जो सबट्रांसिस उनके बॉडी में पाया गया था, वो धरती का तो बिल्कुल ही नहीं लग रहा था। और आज तक ये मिस्ट्री हैं कि वो एलियंन चीज या वो कोनसा वायरस था जिससे ये दोनो लोग इन्फेक्ट हुए थे। और उनकी मौत हो गई थी। कई Anonymous के लोग के हिसाब से AREA 51 में ऐसे कई एलियंट टेक्नोलॉजी यूज होते हे। जोकि पूरे दुनिया में किसी के पास भी नहीं हैं और सारी टेक्नोलॉजी उन्हीं एलियन युआफो से सीख कर बनी हे। इसके क्रास मटेरियल्स को ले जाकर वहां स्टडी किया जाता था।

एरिया 51 के बारे में कुछ भी कन्फर्म फैक्ट उपलब्ध नहीं हैं। पर एक चीज जो की AREA के बारे में कन्फर्म हे, तो ये हे कि इस जगह पर वेपन टेस्टिंग और एयर प्लेन की टेस्टिंग होती थी। क्योंकि ये जगह सामान्य जनता से बहोत दूर थीं और एक शुमशान जगह पर एक्जिस्ट करती हैं। इसलिए यहां पर कुछ गलत भी हुआ और प्लेन टेस्टिंग फ़ैल भी हुइ तो सामान्य जनता को कोई भनक ही नहीं लगेगी, नाही किसीको कोई चोट पहोचेगा और ये पूरी जगह बड़े बड़े माउंटेंस से घेरा हुआ हे। मतलब एक परफेक्ट लोकेशन (For All The Secret Experiment)


साल 2014 में फेमस WIRED मैगजीन में ये रिपोर्ट किया कि AREA 51 के सामने एक ऐसी प्लेन को उड़ते हुए देखा गया की जो की अपने टाइम से बहुत ही ज्यादा आगे थी टेक्नोलॉजी के मामले में। जो लोग उसकी सैटिंग को देखे उनके हिसाब से उसमे COLOUR ADAPATATION TECHNOLOGY थी। मतलब उस सराउंडिंग के हिसाब से अपना रंग बदल सकता था। इसका मतलब ये हुआ कि वो गायब हो सकता था। और वो हवा में जाएगा पर किसीको दिखेगा नहीं, क्योंकि वो बादल का रूप ले लेगा।

अगर आप इस जगह पर जाओगे तब आप उस मैंन बेस, मैन बेज हे AREA 51 का उसके क्लोझ भी नहीं जा पाओगे। क्योंकि इस मैंन बेस से 16KM पहले ही आपको बोर्ड दिखेगा, की इस लाइन के आगे मत जाओ। 

कैैमेरा

टावर

और वहाँ पर कई रियल टाईट सिक्योरिटी केमरा भी लगे हुए हैं। और टावर पर बैठे लोग 24 घंटो और 7 दिनो यहाँ की देख रेख करते हैं। और जैसे की मैंने बताया कि इस जगह कि फोटो भी खींचना मना हैं।


MAGNETIC SENSORS

जैसा कि आप इस बोर्ड पर देख सकते हो लिखा हुआ हैं। और आप यकीन नहीं करोगे इस AREA के चारो तरफ MAGNETIC SENSORS भी लगे हुए हैं। जो कि इस AREA के आसपास आने वाली सभी वेहिकल्स और एयर वेहिकल्स को सिग्नल देकर रोक देती हैं। और वेहिकल्स की स्पीड को ट्रैक करती हैं। ओर वो सारी इनफॉरमेशन वहा की सिक्युरिटी टीम तक जाती हैं।

FRED DUNHAM

वहां की सिक्युरिटी टीम का एक एक्स गार्ड जिसका नाम था FRED DUNHAM उसने ये रिवील किया की, उसे ये ऑर्डर मिला था अगर कोई उस बाउंड्री की आसपास भी दिखे चाहे वो कोई भी हो तो उसे गोली मार देना।

आपको तो पता ही होगा कि BBC डॉक्यूमेंट्री बनाने के मामले में सबसे टॉप कंपनी हैं। तो ये भी AREA 51 में घुस कर वहां डॉक्यूमेंट्री बनाना चाहती थीं और पूरी की पूरी BBC टीम वहा गई भी थीं। पर जैसे की आप अंदाज़ लगा सकते हो, उन्हें रोक दिय गया और वहां से वापस भेज दिया गया? नही, वैसे एक्चुअल में इससे ज्यादा कुछ हुआ था। उन सारे मेंबर्स को अरेस्ट कर लिया गया था। और घुटने के बल करीब 3 घंटे तक बैठा के रखा गया था। जब तक उनकी ID कार्ड के प्रॉपर वेरिफिकेशन नहीं हुआ। और उन्हें कई डॉलर का FAIN भी भरना पड़ा। और एक्सप्लेरेशन मांगने पर
एक्सप्लेरेशन कोई नहीं देता। सिर्फ यही बताये जाते हैं कि वो वेपन टेस्टिंग लोकेशन हैं।

पर दुनिया में ऐसे हजारों लोकेशन हैं, पर किसी पर पब्लिक ने आज तक सवाल नहीं किया पर ना जाने AREA 51 में ही क्यों? कई लोगो का तो ये भी मानना हैं कि, आज भी Extraterrestrial बॉडी और यूएफो की एक्सपेरिमेंट की जाति है, और आज भी वहां सतह के ऊपर सब कुछ शांत दिखता हैं, पर अंडरग्राउंड में यूज लेवल का टेक्नोलॉजीकल बेस आज भी मोजूद हैं।






सोमवार, 9 नवंबर 2020

जूनागढ़ का स्वतंत्र दिन आज 9 नवंबर को मनाया जाएगा, आज स्वतंत्र दिवस के अवसर पर विजयस्तंभ की पूजा की जाएगी

नवंबर 09, 2020 0
जूनागढ़ का स्वतंत्र दिन आज 9 नवंबर को मनाया जाएगा, आज स्वतंत्र दिवस के अवसर पर विजयस्तंभ की पूजा की जाएगी
INTRODUCTION

आज स्वतंत्र दिवस के अवसर पर विजयस्तंभ की पूजा की जाएगी।

आजाद हिन्द फौज से प्रेरित होकर, आरजी सरकार का गठन किया गया।

भारत में रहने के लिए हजारों लोगों ने अपने हाथ खड़े कर दिए।

हालाकि पूरे जूनागढ़ राज्य को 9 नवंबर को स्वतंत्र मिली थीं, लेकिन यह केवल नगर निगम द्वारा मनाया जाता हैं।

जूनागढ़ का स्वतंत्र दिवस आज 9 नवंबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर विजय स्तंभ की पूजा की जाएगी। पूरा जूनागढ़ राज्य 9 नवंबर को आजाद हुआ था। लेकिन केवल जूनागढ़ मनापा द्वारा मनाया जाता हैं। किसी अन्य विभाग द्वारा कोई उत्सव नहीं हैं।

जूनागढ़ 9 नवंबर को नवाब शासन से मुक्त हुआ था। 
और 15 अगस्त से 8 नवंबर तक जूनागढ़ राज्य में फैली अराजकता के अंत तक, हर साल आरजी शासन के लिए एक स्मारक बनाने की बात होती हैं। पूर्व विधायक सहित नेताओ ने इस संबंध में कई। अभ्यावेदन किए हैं। लेकिन इसका नतीजा नहीं निकला।

जूनागढ़ का स्वतंत्र दिवस आज 9 नवंबर को मनाया जाएगा। सुबह 9:30 बजे जूनागढ़ नगर निगम के पदाधिकारियों द्वारा बहाउदीन कॉलेज के भूतल में रखी गई पट्टिका को विजय स्तंभ माना जाएगा और उसकी पूजा की जाएगी।

पूरा जूनागढ़ राज्य 9 नवंबर को आजाद हुआ था। लेकिन जूनागढ़ का मुक्ति दिवस केवल जूनागढ़ नगर निगम द्वारा मनाया जाता हैं। जबकि किसी अन्य विभाग द्वारा नहीं मनाया जाता हैं। ऐसा लगता हैं कि जूनागढ़ महानगर स्वतंत्र दिवस पर हैं।

बहाउदिन कॉलेज में सरदार पटेल द्वारा संबोधित एक सभा के दौरान, भारत में रहने के लिए हजारों लोगो ने अपने हाथ खड़े कर दिए। बुजुर्ग दलपतभाई पटेल, जिन्होंने 12 साल की उम्र में एक छात्र के रूप में आरजी शासन का प्रचार किया और जूनागढ़ की स्वतंत्रता देखी, जो की पुरानी यादें थी।

जूनागढ़ 9 नवंबर 1947 को आजाद हुआ था। उसके बाद 13 नवंबर 1947 सरदार पटेल जूनागढ़ आए। और उन्होंने बहाउदिन कॉलेज की एक बैठक को संबोधित किया। इस समय, हजारों लोगो ने उसी समय अपने हाथ खड़े कर दिए, जब उन्होंने उन लोगो से पूछा जो भारत में रहना चाहते थे। उस समय, 12 वर्षीय और अभी 85 साल के वडील दलपतभाई पटेल भी उपस्थित थे। वह इस बैठक और जूनागढ़ की स्वतंत्रता का गवाह हैं।

15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, लेकिन जूनागढ़ के नवाब ने पाकिस्तान ने शामिल होने की धोषणा की । तब जूनागढ़ राज्य में अराजकता थी। लोगो के सामानों की लूट शुरु हो गई और हजारों लोग भी पलायन कर गए। जूनागढ़ की स्वतंत्रता के लिए, मुंबई में 25 सितंबर 1947 को आरजी सरकार का गठन किया गया था। पहले 30 सितंबर, 1947 की आरजी सरकार ने राजकोट में जूनागढ़ हाउस पर कब्जा कर लिया।

आरजी सरकार ने तब नवाब के शासन के खिलाफ आर्थिक ने तब नवाब के शासन के खिलाफ आर्थिक प्रचार और सशस्त्र मोर्चो शुरु किया। जूनागढ़ बहिष्कार समितियों का गठन भारत के प्रमुख शहरों में किया गया था। और 1 अक्टूबर 1947 से भारत सरकार ने जूनागढ़ को COAL देना बंद कर दिया।

27 अक्टूबर 1947 को लिखे एक पत्र में, दीवान भुट्टो ने नवाब को पाकिस्तान जाने के लिए एक पत्र लिखा, जिसमें कहा गया था कि नाकाबंदी ने रेलवे और सीमा शुल्क जैसे राजस्व के मुख्य स्त्रोतों को कम कर दिया था। दाने की स्थिति भी गंभीर हैं। जूनागढ़ स्टेट रेलवे की दैनिक कमाई 30,000 रुपए से घटकर 5,000 रुपए हो गई थी। पोरबंधन और मोरबी राज्यो से ऋण प्राप्त करने के प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली।

आखिरकार नवाब ने दीवान भट्टो  को हिंदू संघ की शरण लेने के लिए फोन किया। दशहरा से दिवाली तक केवल 18 दिनो में, आरजी सरकार की सेना ने जूनागढ़ शासन के तहत 106 गाँवो पर कब्जा कर लिया। 7 नवंबर को, दीवान भट्टो को आरजी शासन में लड़ाकू शमदास गांधी के साथ बातचीत करने के लिए आना था। इसमें, शमलदास गांधी ने उन्हें बिना शर्त आत्मसमर्पण स्वीकार करने के लिए कहा। और 9 नवम्बर 1947 तारीख को जूनागढ़ नवाब के शासन से मुक्त हो गया।

सरदार वल्लभ भाई पटेल 13 नवंबर 1947 को जूनागढ़ आए और बहाउदिन कॉलेज में एक बैठक को संबोधित किया। जनसंघ के नेता, दलपतभाई  पटेल, जो उस समय 12 साल की आयु में आरजी सरकार के लिए प्रचार कर रहे थे और अब 85 साल की आयु में भी बैठक में उपस्थित थे।

सरदार के भाषण के संस्मरणों पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने एक घंटे और आधे घंटे के लिए भावुक भाषण दिया। और एक के साथ हजारों हाथ उठे, वर्तमान मेदानी को भारत में शामिल होने के लिए हाथ बढ़ाने के लिए कहा। सरदार खुद उस टिकट का भुगतान करेगा जो पाकिस्तान जाना चाहता हे ओर जो भारत में रहना चाहते हैं उनके बालों को कुचलना नहीं चाहिए, यह कहते हुए कि बहाउदीन कॉलेज का मैदान हजारों तालियों से गूंज रहा था।


आरजी सरकार ने एक गुप्त स्थान पर एक रेडियो स्टेशन शुरु किया

24 अक्टूबर, 1947 को विजयादशमी के दिन गुप्त स्थान पर आरजी सरकार द्वारा आजाद जूनागढ़ रेडियो स्टेशन शुरू किया गया था। वह हर रात 9 से 10 के बीच रेडियो सुन सकता था और यंग इंडिया ग्रामोफोन कंपनी द्वारा तैयार " चलो जूनागढ़ एकनाथ" और आरजी हुकूमत जिंदाबाद रिकॉर्ड बजाता था। साथ ही आरजी  शासन की आक्रामकता में जीत की दैनिक समाचार भी दिया गया था। इस प्रकार प्रचार के मोर्चे पर सफल होने के बाद, आरजी सरकार ने बिना किसी लड़ाई के आधी लड़ाई जीत ली।

सुभाषचंद्र बोस द्वारा निर्मित

  ● आजाद हिन्द फौज से प्रेरित होकर, आरजी सरकार का गठन किया गया था।

 ● आरजी सरकार की स्थापना से 24 घंटे पहले, गांधीजी ने दिल्ली में एक प्रार्थना सभा में कहा था कि हमें जूनागढ़ से पाकिस्तान जाना चाहिए।

जूनागढ़ की स्वतंत्रता के लिए आरजी सरकार का गठन सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिन्द फौज की प्रेरणा से किया गया था। इसमें सरदार पटेल का छिपा आशीर्वाद था। आरजी सरकार की स्थापना के 24 घंटे पहले, गांधीजी ने दिल्ली में एक प्राथना सभा में कहा था कि उन्हें जूनागढ़ से पाकिस्तान जाना चाहिए।

15 अगस्त को जूनागढ़ भारत में शामिल नहीं हुआ। इसलिए जूनागढ के लोग भ्रमित थे। जूनागढ़ की सोरठ सेवा समिति और मुंबई के जूनागढ़ प्रजा मंडल को भी इस मुद्दे पर कोई सफलता नहीं मिली। 25 अगस्त 1947 को जेठालाल जोसी, रतुभाई अदानी और रसिकभाई पारिख ने एक रक्षा समिति का गठन किया। और जूनागढ़ ने आर्थिक बहिष्कार कि घोसना की। शमलदास गांधी, चिमनलाल शाह, सोपान, कामेश्वर व्यास और मुगुतलाल पारेख की जूनागढ़ समिति का गठन 15 सितंबर 1947  मुंबई में किया गया था।

गंभीर विचार - विमर्श के बाद, सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिन्द फौज से प्रेरणा ली और 25 सितंबर 1947, सरदार वल्लभभाई पटेल का छिपा आशीर्वाद प्राप्त किया। मुम्बई की आरजी सरकार की स्थापना हुई थी। हजारों माधवबाग के मैदानों में, मुन्सी ने एक घोषणा जारी की जिसमें आरजी सरकार की स्थापना की गई थी। केवल जूनागढ़ राज्य के लोग को इसमें लिया गया था। गांधीजी के भतीजे और कुटियाना के बारखलिदार
शामडदास गांधी को प्रमुख नियूक्त किया गया था।

समझ नहीं आ रहा है, मुझे जूनागढ़ से पाकिस्तान जाना चाहिए। यह बात गांधीजी ने प्रार्थना सभा में कहीं थीं। इस प्रकार आरजि सरकार की स्थापना न केवल जूनागढ़ बल्कि भारत के मूल राज्यो के इतिहास में एक यादगार और ऐतिहासिक घटना थी। लेकिन इस आरजी शासन के सेनानियो की याद में एक स्मारक का निर्माण नहीं करने से यह उपेक्षित हो रहा है।

रविवार, 8 नवंबर 2020

THE LAST EPISODE OF TOM & JERRY (क्या Tom & Jerry मर चुके हैं ? Cartoon Network पर आने वाला ये Show क्यों ब्रॉडकास्ट होना बंध हो गया?)

नवंबर 08, 2020 0
THE LAST EPISODE OF TOM & JERRY (क्या Tom & Jerry मर चुके हैं ? Cartoon Network पर आने वाला ये Show क्यों ब्रॉडकास्ट होना बंध हो गया?)
                  
INTRODUCTION

  ● TOM & JERRY Show को किन किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा?

  ● क्या TOM & JERRY मर चुके हैं ?

  ● Cartoon Network पर आने वाला ये Show क्यों ब्रॉडकास्ट होना बंध हो गया?

  ● क्या TOM & JERRY Best Friend हैं ? या एक दूसरे के दुश्मन?

  ● क्या TOM & JERRY के और एपिसोड आएंगे ?


ARE THEY FRIENDS ? 
क्या Tom & Jerry बेस्ट फ्रेंड हैं ?


एक समय था जब Reddit पर ये सवाल वायरल हो गया था, क्या  Tom & Jerry बेस्ट फ्रेंड्स हैं ? और उस Reddit पोस्ट के अकॉर्डिंग इसका जवाब Yes था।

FUN FACT

आपको लगता होगा कि Tom, Jerry को परेशान करता हैं। परंतु काफी गहरी सोच के बाद आपको पता चलेगा कि Jerry, Tom को परेशान करता हैं। मतलब जिसे आप बुरा समज ते थे, Tom को वो तो अच्छा भला केट हैं। और जिसे आप अच्छा समज ते थे,  यानी Jerry को वही सबसे बडा़ शैतान हैं।

Controversial Cases Of Tom & Jerry

1940 में Tom & Jerry इतना फेमस हो गया था, कि इसका FRANCHISE लगभग दुनिया के सभी देशों में डिस्ट्रीब्यूट किया जा चुका था। क्योंकि की इस show में कोई लैंग्वेज बैरियर नहीं था। इसलिए लगभग सभी देशों में Tom & Jerry को बच्चो से लेकर बड़ों द्वारा बहोत पसंद किया गया। लेकिन जहा ये show इतना फेमस हुआ, वहीं पर बहोत सारे इल्जाम और कॉन्ट्रोवर्सीज भी सामने आई, और उनमें से सबसे बडी कॉन्ट्रोवर्सीज ये हैं।

1945
(The Biggest Controversy)
The Racist women



Tom & Jerry show के अंदर कई हेल्पिंग केरेक्टर्स
 हैं, और उन्हीं में से एक कैरेक्टर Mammy Two Shoes अब इसके नाम कि तरह ही इसका पूरा चहेरा कभी भी किसी एपिसोड में नहीं दिखाया गया हैं। सिर्फ इसके दो shoes दिखाए गये हैं। पूरा फेस नही दिखाया गया हैं।

"Saturdy Evening Puss"


इस एपिसोड में ही Mammy का पूरा चहेरा रिवील किया गया था। अब Mammy को लेकर एक कॉन्ट्रोवर्सीज ये सामने आईं के Mammy का कैरेक्टर Racist हैं। उसे ब्लैक दिखाया गया हैं। हालाकि बाद में Hanna Or barbera ने साफ साफ बयान कर दिया गया, की उनका जातिगत भेदभाव दिखाने का कोई भी इरादा नहीं था। वो जस्ट अमेरिका में कॉमन सोसायटी के लोगो को डिपिक्ट करना चाहते थे। हालाकि उनकी नहीं सुनी गई और बाद में ब्लैक Mammy के कैरेक्टर्स को सभी सीन मैसे व्हाइट वूमेन के साथ रिप्लेस कर दिया गया।

Tom & Jerry In India


21 april 2014 को Tom & Jerry फर्स्ट टाइम Cartoon Network India पर एयर किया गया। और 2016 में इसकी ब्रॉडकास्टिंग बंध कर दी गई। हालाकि एक बार 2019 में भी इन्होंने Saptember के महीने में एक बार ट्राय किया था, लेकिन उसी महीने उन्होंने दुबारा से ब्रॉडकास्ट करना बंध कर दिया।और आज ये Cartoon Network पर नहीं दिखाया जाता हैं।

India में Tom & Jerry को इतना पसंद किया गया की इसके ऊपर गाना तक बना दिया गया। india ने तो Tom & Jerry पर सिर्फ गाना निकला था। लेकिन पाकिस्तान में Omore नाम कि एक आइसक्रीम कंपनी ने Tom & Jerry का आइसक्रीम तक लॉन्च कर दिया। 


Tom & Jerry को देखने के एक नहीं कई कारण हैं।

जैसे,

(1) Stress Booster
(2) No Age Barrier
(3) Need No Sound
(4) No Language Barrie


(1) Stress Booster

यानी कि किसी भी तरह का stress भगाना हो तो Tom & Jerry का कोई भी एक एपिसोड देखलो अगली पल stress फ्री नजर आओगे।

(2) No Age Barrier


बच्चा हो या बूढ़ा सभी इसे एन्जॉय कर सकते हैं।

(3) Need No Sound

Tom & Jerry में कोई डायलॉग तो होते नहीं हैं, Tom & Jerry में बैकग्राउंड म्यूजिक और फनी साउंड्स होते हैं। लेकिन यही एक मात्र ऐसा Show है जिसे आप बिना बैकग्राउंड म्यूजिक और फनी साउंड्स के भी देखोगेना तो आपकों फूल एंजॉयमेंट मिलेगा। 
"Tom & Jerry is not a Just animtion 
It is An Emotion"

(4) No Language Barrie

सबसे मेन कारण तो इस Show को देखने का ये हैं, कि आप चाहे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों ना रहते हो। आप इसको देखके फूल मजा ले सकते हो। आपकी लैंग्वेज क्या हैं ये मैटर नहीं करता। और यही बात Tom & Jerry को सबसे अलग बनाती हैं।

Why Tom & Jerry Stopped Airing
On Cartoon Network

  ● इस सवाल पर आते हो कहीं लोगो को लगता हैं की Mammy Two Shoes के कारण Tom & Jerry आना बंध हो गया। क्योंकि उस लेडी के वजह से अमेरिकन्स को ये ठेस पहुंची, की पूरी दुनिया  में अमेरिकन को ब्लैकस समाजा जायेगा। जो की एक बहोत बड़ी controversy थी। लेकिन India में Tom & Jerry के बंध होने का ये कारण तो बिल्कुल नहीं हो सकता।

  ● Cartoon Network चैनल पर आने वाले Tom & Jerry Show कोही बंध नहीं किया गया था। बल्कि काफी सारे American Shows के साथ साथ Anime को भी बंध कर दिया गया था। क्योंकि की Cartoon Network पर किसी भी Show को दिखाने के लिए India को उन Shows की Licenes को खरीदना पड़ता था। जब की वो बहोत महंगे होते थे।

  ● जब तक Cartoon Netwok को अच्छा खासा Viewership मिल रहा था, तब तक उसने लाइसैंस खरीदे बाद में लोगो का इंटरेस्ट थोड़ा थोड़ा कम होने लग गया। क्योंकि की लोग दूसरे चैनल को ज्यादा देखते लग गये थे। जिसे Cartoon Network की Viewership कम होती गई ओर उनको प्रॉफिट भी कम होने लगा। जिसे उन्होंने लाइसेंस खरीदा ही नहीं ओर गिने चुने दो तीन Show को ही दिखाने लग गए।

  ● India में सभी kids Chanel Localised करने की कोशिश की जा रही हैं। मतलब Foreign Animatios की जगह India अपने देश में बने Cartoon को ज्यादा टीवी पर दिखाना चाहता है। इसलिए आज कल Cartoon Network ही नहीं बल्कि सभी चैनल पर India एनिमेशन ज्यादा दिखाई जाता हैं।

The Dark Story About
Death Of Tom & Jerry

Tom & Jerry के बारे में एक Myth इसके लास्ट एपिसोड के बारे में फैला हुआ हैं। जो की रिलेटेड हैं Tom & Jerry के 1956 में आए एक शॉर्ट "Blue Cat Blues" से। Myth के हिसाब से इस एपिसोड में Tom & Jerry दोनों सुसाइड कर लेते हैं। परंतु क्या कारण था ?

Tom की गर्लफ्रेंड

Jerry की गर्लफ्रेंड

TOM की गर्लफ्रेंड टॉम को छोड़ कर किसी दूसरे कैट के साथ चली जाती हैं। जिससे वो बहुत नाराज़ हो जाता हैं। एण्ड JERRY के साथ भी ऐसा ही कुछ होता हैं। दोनों बहुत निराश हो जाते हैं। दोनों इतने निराश हो जाते हैं कि एक ट्रेन की पटरी पर जाकर बैठ जातें हैं। ताकि वो ट्रेन से टकरा जाए, जिसे आप सीधे सुसाइड कह सकते हो। और इस एपिसोड के लास्ट में बेग्राउंड में ट्रेन की आवाज भी सुनाई देती हैं। पर साफ सीधा कुछ भी दिखाया नहीं जाता, के Tom & Jerry मर चुके हैं।

जिसका मतलब हुआ कि ये लास्ट एपिसोड तो था नहीं क्योंकि की अभी तो न्यु एपिसोड आने बाकी थे जो की बाद में आए भी।

में इतना जरूर कहूंगा कि "Blue Cat Blues" Tom & Jerry का ये एपिसोड बच्चो के लिए सबसे Darkest एपिसोड था। (वैसे देखा जाए तो ये कोई कारण नही होता कि कोई अपने प्यार के लिए अपनी जान ही देदे) बेसिकली Tom & Jerry के क्रिएटर्स को लगा की ये सीरीज ज्यादा नही चलेगी। इसलिए उन्होंने लास्ट एपिसोड के रूप में "Blue Cat Blues" एपिसोड बनाया था। 

जैसे कि आप सबको पता हे की आज Tom & Jerry को आए हुए 80 साल हो चुके हैं। मुजे पता हैं कि Tom & Jerry आज कल Cartoon Network पर नही आ रहा। लेकिन, क्योंकि इसका लास्ट एपिसोड अभी भी नही बना हैं। इसलिए फ्यूचर में चांसिस हैं, कि Tom & Jerry के नए एपिसोड बनाए जाएंगे और टीवी पर भी एयर किए जायेंगे।

वैसे कोई भी ये बिल्कुल नही चाहेगा, कि TOM & JERRY का END हो।

शनिवार, 7 नवंबर 2020

Doraemon OR Kiteretsu के सभी characters इतने मिलते जुलते क्यों हैं? क्या डोरेमोन बैन होगा?

नवंबर 07, 2020 0
Doraemon OR Kiteretsu के सभी characters इतने मिलते जुलते क्यों हैं? क्या डोरेमोन बैन होगा?

Doremon & Kiteretsu Facts


Doraemon or Kiteretsu के सभी characters इतने मिलते जुलते क्यों हैं? क्या डोरेमोन बैन होगा?


INTRODUCTION

  ● Doraemon or Kiteretsu के सभी characters इतने मिलते जुलते क्यों हैं?

 ● क्या डोरेमोन बैन होगा?

 ● Doraemon को बैन कराने के लिए क्या क्या किया।

 ● Kiteretsu को अब TV चैनल पर एयर क्यों नही किया जाता।

 ● kiteretsu के नए एपिसोड क्यों नही बनते?

 ● इतना अच्छा Animation सीरीज होने पर भी kiteretsu इतना फ़ेमस क्यो नही हो पाया?


Doraemon vs Kiteretsu


अक्टूबर, 2016 जब हम सभी घर पर आराम से बैठकर टीवी में डोरेमोन देख रहे थे। तब घर से बाहर हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के कुछ पॉलिटीशन डोरेमोन को इन्डिया और पाकिस्तान में बैन कराने में लगे हुए थे।

और जैसे हर पेड़ का एक बीज होता हैं वैसे ही डोरेमोन को बैन कराने के पीछे जो बंदा बीज बना उसका नाम था आशीष चतुर्वेदी जोकि मध्य प्रदेश का रहने वाला था। आशीष चतुर्वेदी ने 2016 में डोरेमोन को बैन कराने का हर संभव प्रयास किया। उसने सेन्ट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट के साथ मिलकर एसे कई ऑर्गनाइजेशन को लेटर भेजा। जो डोरेमोन एनीमेशन से जुड़े थे।

और अभी जो आप अपने स्क्रीन पर देख रहे हो ये उन सभी लेटर में से एक लेटर हैं, जो डोरेमोन को बैन कराने के लिए लिखे जा रहे थे। जीतने भी लोग डोरेमोन को बैन कराने में लगे हुए थे। उनका कहना था कि डोरेमोन हर वक्त नोबिता की हेल्प करता रहेता हैं, और नोबिता जो अपना होमवर्क कभी नहीं करता, उसे देख देख कर छोटे छोटे बच्चे भी अपने माता पिता की बात नहीं मानते। और अपना होमवर्क नहीं करते। इतना ही नहीं वो छोटे छोटे बच्चे दिन भर ये सोचते रहते हैं कि काश उनके पास भी वो सारे गैजेट्स होते तो उनकी जिंदगी कितनी आसान हो जाती।


उन लोगों ने बहुत से स्टेटमेंट्स दिए जैसे,

Dependence on Fantasy
Wastage of time
4D (Dimensional) pocket (उनका main focuse था)
And so on...

और भी ना जाने बहोत से रीज़न दिये उन लोगों ने जिसे डोरेमोन बैन हो जाए।


फुजीको फुजिओ

कहीं ना कहीं डोरेमोन के राइट्स फुजीको फुजिओ को ये पता था, कि फ्यूचर में एसी कोई धटना जरूर होगी। इसलिए उन्होने डोरेमोन की बिल्कुल ऑपोजिट एक नया
मांगा लिखने का सोचा। जिसमे डोरेमोन जैसे कैरेक्टर्स हो पर उसमे नोबिता का होमवर्क ना करने वाले और आलसी लडके के जगह इंटेलिजेंट लड़का दिखाया जाए। और फुजीको फुजिओ ने इन चीजों को ध्यान में रखते हुए, ऐसा एक मांगा निकाल भी दिया। जिसका नाम Kiteretsu Daihyakka था। 


Kiteretsu Daihyakka का मतलब होता हैैं (Kiteretsu ki Encyclopedia) और इन्डिया में आप इसे सिर्फ Kiteretsu के नाम से जानते हो। Kiteretsu Daihyakka को मांगा के रूप में Kodomo no Hikari नाम के एक Children's magazin में अप्रैल 1974 से जुलाई 1977 तक पब्लिश किया गया।

और बाद ने kiteretsu Daihyakka का मांगा को 
Anime टीवी सीरीज में बदल दिया गया। जिसमें 331 एपिसोड्स हैं। एनीमेशन सीरीज के रूप में इसे ओरिजिनली 27 मार्च, 1988 से 9 जून, 1996 तक जापान कि एक चैनल फुजी टीवी पर ब्रॉडकास्ट किया गया।

इन्डिया में Kiteretsu को हिंदी में डब करके कई चैनल जैसे Disney channel, Disney XD, Cartoon Network और Hungama टीवी पर एयर किया गया। बाद में इस Anime के लाइसेंस को एक नए टाइटल Kiteretsu, el primo mas listo de Nobita के साथ स्पेन के एक कंपनी LUK Internacional को बेच दिया गया।

Kiteretsu, el primo mas listo de Nobita का 
इंग्लिश ट्रान्सलेशन Nobita's Smarter Cousin होता हैं। जहा तक मुझे लगता हैं की आप सभी को अब तक ये पता चल चुका होगा कि डोरेमोन और Kiteretsu के कैरेक्टर्स इतने मिलते जुलते क्यों हैं।

डोरेमोन

देखो इस Anime में डोरेमोन को रिप्लेस किया गया हैं। कोरोसुके से जहा डोरेमोन को डोरा केक पसंद हैं, वहीं कोरोसुके को कोरो केक पसंद हैं। डोरेमोन को ट्वेंटी सेकेंड सेंच्युरी के एक टॉय कंपनी ने बनाया हैं, परंतु कोरोसूके को किटेरेत्सु ने ही बनाया हैं। डोरेमोन काफी इंटेलिजेंस हैं। परंतु कोरोसुके एक नंबर का आलसी रोबॉट हैं।

नोबिता

नोबिता को रिप्लेस किया गया हैं, किटेरेत्सु के साथ। जहाँ नोबिता एक आलसी लड़का हैं, वही पे किटेरेत्सु एक इंटेलिजेंट लड़का हैं। जो उसके पूर्वज किटेरेत्सु शाहीसान की इनसाइक्लोपीडिया (Daihyakka)को देख कर अलग अलग तरहके गैजेट्स बना सकता हैं। और यदि आपने एक चीज़ नोटिस किया हो तो डोरेमोन जैसे सेम गैजेट्स किटेरेत्सु भी बना सकता हैं। जैसे, डोरेमोन के पास टाइम मशीन हैं। किटेरेत्सु के पास भी ऐसी ही एक टाइम मशीन हैं। और भी बहोत से गैजेट्स दोनों एनीमेशन सीरीज में सिमिलर हैं।

सुनियो

सुनियो के जगह टोंगारी ने ली हैं, जैसे सुनियो अमीर हैं वैसे ही टोंगारी भी अमीर हैं। 

जियान 

जियान की जगह बुुटागोरीरा ने ली हैं।



सुजुका


सुजुका की जगह मियोको ने ली हैं।

ओवरऑल डोरेमोन का ऑपोज़िट वर्झन किटेरेत्सु हैं।


   क्यों Kiteretsu अब TV पर नही दिखाया जाता ???

Kiteretsu इतना अच्छा कॉन्सेप्ट होने के बाद भी ज्यादा नही चल सका। इसका सिर्फ एक हि कारण हैं।
Kiteretsu का हर एक एपिसोड 25-25 मिनट्स का होता था। जब कि डोरेमोन और शिनचैन जैसे एनीमेशन सीरीज के एपिसोड 10 से 12 मिनट्स के होते थे।

तो हुआ यूं की 25 मिनिट के एक एपिसोड के बीच मिनिमम ऐक बार तो एड्स जरूर आते हैं। जिससे एपिसोड के बीच मे ही बच्चे चैनल बदल कर कुछ और देखने लग जाते थे। इससे kiteretsu का TRP (Television Rating Point) बहोत घट गया और TRP (Television Rating Point) के घटने का सीधा मतलब होता हैं कि बच्चे इस सीरीज को ज्यादा नही देखते।

Kiteretsu को 2007 से हंगामा TV पर दिखाया जाने लगा। और एक वक्त ऐसा आया जब हंगामा TV पर दो anime भर भर कर दिखाया जाने लगा। "शिनचैन और किटेरेत्सु" परंतु हंगामा TV वालो ने देखा कि kiteretsu के TRP (Television Rating Point) बहोत कम आ रहे हैं। यानी की ज्यादा लोग Kiteretsu को नही देख रहे हैं। इसलिए हंगामा TV ने दोबारा से kiteretsu का लाइसेंस ओर राइट्स नही खरीदे।

उसके बाद POGO ने सोचा की हम Kiteretsu के राइट्स खरीद लेते हैं। ताकि उनका TRP (Television Rating Point) बढ़े, लेकिन उसका उल्टा हो गया। क्योंकि ज्यादातर लोग POGO पर छोटा भीम देखते थे, जिससे छोटा भीम की पॉप्युलैरिटी बढ़ गई और Kiteretsu इस चैनल पर भी ज्यादा नहीं चला।

लास्ट में Disney Channel ने kiteretsu को दिखाना शुरू किया। परंतु Disney Channel पर भी इसे ज्यादा TRP (Television Rating Point) नही मिला, क्योंकि इस चैनल पर लोग डोरेमोन ज्यादा देखते थे।

इस तरीके से हंगामा, शिनचैन के लिए पॉप्युलर हो गया।
POGO, छोटा भीम के लिए पॉप्युलर हो गया और
Disney Channel, डोरेमोन के लिए पॉप्युलर हो गया।



इस लिए Kiteretsu के राइट्स किसीने नही ख़रीदे।
और इसलिए Kiteretsu अब TV पर नही दिखाया जाता।



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